करोना वायरस से निपटने के लिए पीजीआईएमएस बढ़ाएगा सेंट्रल मॉनिटर की संख्या, 1 करोड़ 72 लाख रुपये के स्वास्थ्य उपकरणों की भेजी सरकार को डिमांड

 


करोना वायरस से निपटने के लिए पीजीआईएमएस बढ़ाएगा सेंट्रल मॉनिटर की संख्या, 1 करोड़ 72 लाख रुपये के स्वास्थ्य उपकरणों की भेजी सरकार को डिमांड


रोहतक। नॉवेल कोरोना वायरस वुहान स्टेन (2019-एनसीओवी) से निपटने के लिए पीजीआईएमएस ने अपने आईसीयू व डे-केयर को मजबूत करने की तैयारी कर ली है। पल्मोनरी क्रिटिकल केयर मेडिसन विभाग की यूनिट ने 1 करोड़ 72 लाख रुपये के सेंट्रल मानिटर खरीदने के लिए सरकार को डिमांड भेज दी है। इससे विभाग के डे-केेयर व आईसीयू में सुविधाओं का इजाफा होगा। इसका लाभ कोरोना वायरस के संक्रमित मरीजों के अलावा सामान्य दिनों में उपचार के लिए आने वाले अन्य गंभीर मरीजों को भी मिलेगा।
सूबे के ट्रसरी केयर सेंटर पीजीआईएमएस के जिम्मे प्रदेशभर के मरीजों के उपचार का जिम्मा है। स्वास्थ्य विभाग की गाइड लाइन के अनुसार यदि जिला अस्पतालों में किसी मरीज की स्थिति बिगड़ती है तो उसे पीजीआईएमएस रोहतक भेजा जाएगा। यहां डे-केयर, आईसीयू व ब्लाक-सी को कोरोना वायरस के मरीजों के लिए रिजर्व रखा गया है। संस्थान की बात करें तो यहां 60 के करीब वेंटिलेटर वाले बेड़ों की सुविधा है। आईसीयू के लिए आने वाले सेंट्रल मानिटर मरीजों की उपचार क्षमता को बढ़ा देंगे। इससे मरीजों का हार्ट रेट, बीपी, खून में आक्सीजन की मात्रा आदि का आसानी से पता लग जाएगा। आधुनिक तकनीक के माध्यम से गंभीर मरीजों का ध्यान रखना आसान हो जाएगा। कोरोना वायरस को लेकर हरियाणा सरकार की ओर से स्पेशल गाइड लाइन भी जारी की गई है कि प्रदेश भर में यदि किसी मरीज की कोरोना वायरस के चलते स्थिति बिगड़ती है तो उसे उपचार के लिए पीजीआईएमएस रेफर किया जाएगा। ऐसे में यह सुविधा संस्थान और मरीजों के लिए राम बाण बनेगी।
बोले अधिकारी
पीजीआईएमएस के पीसीसीएम विभाग की 1 करोड़ 72 लाख रुपये की डिमांड को सरकार के पास भिजवा दी है। रेट कांट्रैक्ट के माध्यम से संस्थान को जल्द नये सेंट्रल मानिटर उपलब्ध हो जाएंगे। इसका लाभ प्रदेश भर से संस्थान में आने वाले मरीजों को मिलेगा।
- डॉ. रोहतास कंवर यादव, निदेशक, पीजीआईएमएस
सेंट्रल मानिटर की डिमांड लंबे समय से पेंडिंग थी। इसके लिए 1 करोड़ 41 लाख रुपये का बजट जारी हो गया है। इस पर 18 प्रतिशत जीएसटी अतिरिक्त लगेगा। इसके आने पर मरीजों के उपचार में सुविधाएं बढ़ जाएंगी।